श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 8: अक्षर ब्रह्म योग | Bhagwat Geeta Chapter 8

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 8 अक्षर ब्रह्म योग (Bhagwat Geeta Chapter 8)

श्रीमद्भागवत गीता का आठवां अध्याय “अक्षर ब्रह्म योग” कहलाता है। यह परमात्मा की प्राप्ति, योग, ध्यान, और अंतकाल में भगवान के स्मरण …

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श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 7: ज्ञान विज्ञान योग | Bhagwat Geeta Chapter 7

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 7 ज्ञान विज्ञान योग (Bhagwat Geeta Chapter 7)

श्रीमद्भागवत गीता का सातवाँ अध्याय “ज्ञान विज्ञान योग” कहलाता है। इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को परम सत्य, उनकी दिव्य प्रकृति, और भक्ति …

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श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 5: कर्म संन्यास योग | Bhagwat Geeta Chapter 5

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 5 कर्म संन्यास योग (Bhagwat Geeta Chapter 5)

श्रीमद्भागवत गीता का पांचवा अध्याय “कर्म संन्यास योग” कहलाता है। यह अध्याय कर्मयोग और संन्यास योग के बीच सामंजस्य स्थापित करने पर …

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श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 4: ज्ञान कर्म संन्यास योग | Bhagwat Geeta Chapter 4

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 4 ज्ञान कर्म संन्यास योग (Bhagwat Geeta Chapter 4)

श्रीमद्भागवत गीता का चौथा अध्याय “ज्ञान कर्म संन्यास योग” कहलाता है। यह अध्याय कर्मयोग और ज्ञानयोग के बीच संतुलन स्थापित करते हुए यह सिखाता …

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श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 3: कर्मयोग | Bhagwat Geeta Chapter 3

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 3 कर्मयोग (Bhagwat Geeta Chapter 3)

श्रीमद्भागवत गीता का तीसरा अध्याय “कर्म योग” कहलाता है। यह मानव जीवन में कर्म के महत्व और निष्काम कर्म की अवधारणा को स्पष्ट करता …

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श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2: सांख्य योग | Bhagwat Geeta Chapter 2

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 सांख्य योग (Bhagwat Geeta Chapter 2)

श्रीमद्भागवत गीता का दूसरा अध्याय “सांख्य योग” कहलाता है। यह गीता का आधारभूत अध्याय माना जाता है। “सांख्य” शब्द का अर्थ है ज्ञान या …

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श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 1: अर्जुन विषाद योग | Bhagwat Geeta Chapter 1

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 1 अर्जुन विषाद योग (Bhagwat Geeta Chapter 1)

श्रीमद्भागवत गीता का पहला अध्याय “अर्जुन विषाद योग” कहलाता है। यह अध्याय महाभारत के युद्ध के ठीक पहले की स्थिति का वर्णन …

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