बीकानेर, राजस्थान का एक रेगिस्तानी शहर, ‘ऊँटों का शहर’ के नाम से प्रसिद्ध है। 1488 में राव बीकाजी द्वारा स्थापित यह शहर मारवाड़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। बीकानेर के मंदिर हिंदू, जैन और लोक परंपराओं का अनूठा संगम प्रस्तुत करते हैं, जो अपनी प्राचीन वास्तुकला, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक धरोहर के लिए भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। करणी माता मंदिर की वैश्विक प्रसिद्धि हो या भांडासर जैन मंदिर का तीर्थ महत्व, ये मंदिर बीकानेर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करते हैं।
बीकानेर के प्रसिद्ध मंदिर कौन कौन से है? (Famous Temple in Bikaner)
यहाँ पर बीकानेर के प्रसिद्ध और लोकप्रिय मंदिरो की लिस्ट (Bikaner temple list) दी गई है:
करणी माता मंदिर (Karni Mata Temple)

मंदिर का नाम:- | करणी माता मंदिर (Karni Mata Temple) |
स्थान:- | देशनोक, बीकानेर, राजस्थान |
समर्पित देवता:- | करणी माता (माता दुर्गा अवतार) |
निर्माण वर्ष:- | 1530 के आसपास शुरू, 20वीं सदी में पूरा |
मुख्य आकर्षण:- | हजाराें चूहाें (काबा) की उपिस्थित, चांदी के द्वार, संगमरमर की नक्काशी |
प्रसिद्ध त्यौहार:- | नवरात्रि |
करणी माता मंदिर राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक गांव में स्थित है। यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि हजारों चूहों, जिन्हें स्थानीय रूप से “काबा” कहा जाता है, के लिए भी अनोखा है। ये चूहे मंदिर परिसर में स्वतंत्र रूप से घूमते हैं और श्रद्धालुओं द्वारा पवित्र माने जाते हैं। करणी माता, जिन्हें माँ दुर्गा का अवतार माना जाता है, इस मंदिर की मुख्य देवी हैं। उनकी चमत्कारी शक्तियों और पुनर्जन्म की किंवदंतियों ने इस स्थान को विश्वभर के पर्यटकों और भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया है। इसे ‘चूहों वाला मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है।
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शिव बाड़ी मंदिर (Shiv Bari Temple)

मंदिर का नाम:- | शिव बाड़ी मंदिर (लालेश्वर महादेव मंदिर) |
स्थान:- | बीकानेर, राजस्थान |
समर्पित देवता:- | भगवान शिव |
निर्माण वर्ष:- | 1880 ईस्वी (19वीं सदी) |
निर्माता:- | महाराजा डूंगर सिंह जी |
प्रसिद्ध त्यौहार:- | महाशिवरात्रि, सावन मास |
शिव बाड़ी मंदिर (जिसे लालेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है) बीकानेर, राजस्थान में भगवान शिव को समर्पित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बीकानेर शहर से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित है। लाल बलुआ पत्थर से निर्मित यह मंदिर अपनी जटिल नक्काशी, कलात्मक मंडपों और भव्य गुंबदों के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर न केवल स्थानीय भक्तों के लिए आध्यात्मिक केंद्र है, बल्कि पर्यटकों के लिए भी बीकानेर की सांस्कृतिक झलक पेश करता है।
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लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर (Laxminath Temple Bikaner)

मंदिर का नाम:- | लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर (Laxminath Temple Bikaner) |
स्थान:- | बीकानेर, राजस्थान |
समर्पित देवता:- | भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी |
निर्माण वर्ष:- | 1504 – 1526 ईस्वी |
निर्माता:- | महाराजा राव लूणकरण |
प्रसिद्ध त्यौहार:- | श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, दिवाली और निर्जला एकादशी |
लक्ष्मीनाथ मंदिर राजस्थान के बीकानेर के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित है और शहर के संस्थापक देवता के रूप में पूजा जाता है। बीकानेर शहर के केंद्र में, जूनागढ़ किले से लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित, यह मंदिर अपनी लाल पत्थर और सफेद संगमरमर की संरचना, चांदी के दरवाजे, और सोने-चांदी की कलाकृतियों के लिए प्रसिद्ध है। बीकानेर की स्थापना से जुड़ा यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसका शांत वातावरण और भव्य वास्तुकला इसे भक्तों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाता है।
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भांडासर जैन मंदिर (Bhandasar Jain Temple)

मंदिर का नाम:- | भांडासर जैन मंदिर (Bhandasar Jain Temple) |
अन्य नाम:- | सेठ भांडासर जैन मंदिर |
स्थान:- | बीकानेर, राजस्थान (लक्ष्मीनाथ मंदिर के पास) |
समर्पित देवता:- | सुमतिनाथ (5वें जैन तीर्थंकर) |
निर्माण वर्ष:- | 15वीं सदी (1468-1517 ईस्वी, लगभग 50 वर्षों में) |
निर्माता:- | भांडासा ओसवाल (एक धनी जैन व्यापारी) |
प्रसिद्ध त्यौहार:- | महावीर जयंती, पर्युषण पर्व |
भांडासर जैन मंदिर, जिसे सेठ भांडासर जैन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, बीकानेर, राजस्थान में जैन धर्म का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल है। यह मंदिर 5वें जैन तीर्थंकर सुमतिनाथ को समर्पित है और पुराने बीकानेर के बड़ा बाजार क्षेत्र में, लक्ष्मीनाथ मंदिर के पास स्थित है। मंदिर अपनी अनूठी किंवदंती के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें कहा जाता है कि इसका निर्माण पानी की बजाय 40,000 किलो घी से किया गया था। यह मंदिर जैन समुदाय के लिए एक पवित्र स्थल है और पर्यटकों को बीकानेर की समृद्ध कला और इतिहास से जोड़ता है।
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कपिल मुनि मंदिर (Kapil Muni Temple)

मंदिर का नाम:- | कपिल मुनि मंदिर (Kapil Muni Temple) |
मंदिर के अन्य नाम:- | कोलायत जी मंदिर, कपिल मुनीश्वर मंदिर, |
स्थान:- | कोलायत, बीकानेर, राजस्थान |
समर्पित देवता:- | महर्षि कपिल मुनि |
निर्माण वर्ष:- | लगभग 611 ईस्वी |
मुख्य आकर्षण:- | कपिल सरोवर (झील), 52 घाट, कपिल मुनि का आश्रम |
प्रसिद्ध त्यौहार:- | कोलायत का वार्षिक मेला |
कपिल मुनि मंदिर (जिसे कोलायत मंदिर/कपिल मुनेश्वरजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।) राजस्थान के बीकानेर से लगभग 50 किलोमीटर दूर कोलायत में स्थित एक प्राचीन और पवित्र तीर्थ स्थल है। यह मंदिर कपिल मुनि को समर्पित है, जिन्हें सांख्य दर्शन के प्रणेता और महाभारत काल के महान ऋषि के रूप में माना जाता है। कोलायत झील के किनारे बने इस मंदिर का शांत वातावरण, सुंदर घाट, और वार्षिक कोलायत मेला इसे भक्तों और पर्यटकों के लिए विशेष बनाते हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि बीकानेर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। कोलायत मेला, जो कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित होता है, देश भर से हजारों भक्तों को आकर्षित करता है।
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कोडमदेसर भेरुजी मंदिर (Kodamdesar Bhairu Ji Temple)

मंदिर का नाम:- | कोडमदेसर भेरुजी मंदिर (Kodamdesar Bhairu Ji Temple) |
स्थान:- | कोडमदेसर गाँव, बीकानेर, राजस्थान |
समर्पित देवता:- | भगवान भैरव (भैरू जी) |
निर्माण वर्ष:- | लगभग 15वीं शताब्दी (संभवतः 1475 ईस्वी) |
निर्माता:- | राव बिकाजी (बीकानेर के संस्थापक) |
मुख्य आकर्षण:- | खुले आसमान के नीचे की मंदिर संरचना |
प्रसिद्ध त्यौहार:- | भैरव अष्टमी, नवरात्रि |
कोडमदेसर भैरू जी मंदिर, बीकानेर से लगभग 24 किलोमीटर दूर कोडमदेसर गांव में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भैरू जी (जो भगवान शिव के भैरव रूप हैं) को समर्पित है और बीकानेर की धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस मंदिर की खासियत इसकी खुले आसमान के नीचे की संरचना और बीकानेर के राजपरिवार, विशेष रूप से राव बीका जी, से इसका गहरा संबंध है। भैरू जी को बीकानेर की रक्षा करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है, और वार्षिक मेला, विशेष रूप से भैरू अष्टमी पर, हजारों भक्तों को आकर्षित करता है।
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तोलियासर भेरूजी मंदिर (Toliyasar Bheruji Temple)

मंदिर का नाम:- | तोलियासर भेरूजी मंदिर (Toliyasar Bheruji Temple) |
स्थान:- | तोलियासर गाँव, श्री डूंगरगढ़ तहसील, बीकानेर ज़िला, राजस्थान |
समर्पित देवता:- | भगवान भेरूजी (भैरवनाथ, शिव का उग्र रूप) |
निर्माण वर्ष:- | प्राचीन मंदिर (वर्तमान संरचना 1933 में निर्मित) |
प्रसिद्ध त्यौहार:- | भैरव अष्टमी (मार्गशीर्ष माह), होली, दिवाली के आसपास के मेले |
तोलियासर भेरूजी मंदिर राजस्थान के बीकानेर ज़िले के श्री डूंगरगढ़ तहसील में तोलियासर गांव में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान भैरवनाथ (जिन्हें भेरूजी भी कहा जाता है) को समर्पित है, जो भगवान शिव के उग्र और शक्तिशाली अवतार माने जाते हैं।
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