राजस्थान का हृदय स्थल अजमेर जिला, अरावली पर्वतमालाओं की गोद में बसा एक ऐसा शहर है जो इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम प्रस्तुत करता है। अक्सर लोग अजमेर को केवल ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के लिए जानते हैं, लेकिन यह जिला प्राचीन हिंदू और जैन मंदिरों का भी एक बहुत बड़ा केंद्र है।
इन मंदिरों में सबसे प्रमुख है जगतपिता ब्रह्मा मंदिर, जो दुनिया का एकमात्र ऐसा प्रमुख मंदिर है जहां सृष्टिकर्ता ब्रह्मा की पूजा होती है। इसके अलावा, जैन समुदाय के भव्य सोनी जी की नसियां और नारेली जैन मंदिर आस्था के साथ वास्तुकला की उत्कृष्टता दर्शाते हैं। वैष्णव भक्ति का प्रतीक श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर और शक्ति उपासना के केंद्र चामुंडा माता मंदिर भी यहां की धार्मिक समृद्धि को उजागर करते हैं।
अजमेर के प्रसिद्ध मंदिर कौन कौन से है? (Famous Temple in Ajmer)
यहाँ पर अजमेर के प्रसिद्ध और लोकप्रिय मंदिरो की लिस्ट (Ajmer temple list) दी गई है:
ब्रह्मा मंदिर पुष्कर (Brahma Temple Pushkar)

| मंदिर का नाम:- | ब्रह्मा मंदिर पुष्कर (Brahma Temple Pushkar) |
| स्थान:- | पुष्कर, अजमेर जिला, राजस्थान, भारत (पुष्कर झील के पास) |
| समर्पित देवता:- | भगवान ब्रह्मा (सृष्टिकर्ता) |
| निर्माण वर्ष:- | प्राचीन मंदिर |
| प्रसिद्ध त्यौहार:- | कार्तिक पूर्णिमा, पुष्कर ऊंट मेला, सभी पूर्णिमा और अमावस्या पर विशेष पूजा |
ब्रह्मा मंदिर राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान ब्रह्माजी को समर्पित है। इस मंदिर को जगतपिता ब्रह्मा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। पुष्कर को हिंदू शास्त्रों में ‘तीर्थराज’ या ‘तीर्थों का राजा’ कहा गया है। पुष्कर झील के किनारे बसा यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि पौराणिक कथाओं और ऐतिहासिक घटनाओं का भी जीवंत प्रमाण है।
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सावित्री माता मंदिर (Savitri Mata Temple)

| मंदिर का नाम:- | सावित्री माता मंदिर (Savitri Mata Temple) |
| स्थान:- | रत्नागिरि पहाड़ी, पुष्कर, अजमेर जिला, राजस्थान |
| समर्पित देवता:- | देवी सावित्री (भगवान ब्रह्मा की प्रथम पत्नी) |
| प्रसिद्ध त्यौहार:- | नवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा, रथ सप्तमी |
सावित्री माता मंदिर राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर के रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान ब्रह्माजी की पहली पत्नी सावित्री माता को समर्पित है। यह मंदिर लगभग 750 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। तीर्थयात्री रोपवे और पैदल मंदिर तक पहुंच सकते है।
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वराह मंदिर पुष्कर (Varaha Temple Pushkar)

| मंदिर का नाम:- | वराह मंदिर पुष्कर (Varaha Temple Pushkar) |
| स्थान:- | पुष्कर, अजमेर जिला, राजस्थान |
| समर्पित देवता:- | भगवान वराह (भगवान विष्णु का तीसरा अवतार) |
| निर्माण वर्ष:- | 12वीं शताब्दी (लगभग 1123-1150 ईस्वी) |
| निर्माणकर्ता:- | राजा आनाजी चौहान (सम्राट पृथ्वीराज चौहान के दादा) |
| प्रसिद्ध त्यौहार:- | जल झुलनी एकादशी, वराह जयंती |
वराह मंदिर राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह को समर्पित है। यह मंदिर वैष्णव संप्रदाय की आस्था का एक दुर्लभ केंद्र है। इस मंदिर का मूल निर्माण 12वीं शताब्दी में चौहान वंश के राजा अनाजी चौहान द्वारा कराया गया था।
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पुराना रंगजी मंदिर (Old Rangji Temple)

| मंदिर का नाम:- | पुराना रंगजी मंदिर (Old Rangji Temple) |
| अन्य नाम:- | श्री रंगनाथ वेणुगोपाल मंदिर (Shri Ranganatha Venugopala Temple) |
| स्थान:- | पुष्कर, अजमेर जिला, राजस्थान |
| समर्पित देवता:- | भगवान रंगजी (भगवान विष्णु का स्वरूप) |
| निर्माण वर्ष:- | 1823 – 1844 ईस्वी |
| निर्माणकर्ता:- | सेठ पूरन मल गनेरीवाल (हैदराबाद व्यापारी) |
| प्रसिद्ध त्यौहार:- | कार्तिक पूर्णिमा, पुष्कर मेला; वैष्णव उत्सव |
पुराना रंगजी मंदिर राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान विष्णु के स्वरूप रंगनाथ जी को समर्पित है। इस मंदिर को इस मंदिर को श्री रंगनाथ वेणुगोपाल मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। यह मंदिर न केवल उत्तर भारत में दक्षिण भारतीय वैष्णव परंपरा (श्री संप्रदाय) का एक दुर्लभ उदाहरण है, बल्कि यह 19वीं शताब्दी के मारवाड़ी व्यापारिक समुदाय की धार्मिक निष्ठा और आर्थिक शक्ति का भी प्रतीक है।
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नया रंगजी मंदिर पुष्कर (New Rangji Temple Pushkar)

| मंदिर का नाम:- | नया रंगजी मंदिर (New Rangji Temple) |
| मंदिर का अन्य नाम:- | श्री रामा वैकुण्ठनाथ मंदिर (Shri Rama Vaikunth Nath Temple) |
| स्थान:- | पुष्कर, जिला अजमेर, राजस्थान |
| समर्पित देवता:- | भगवान वैकुंठ वेंकटेश (भगवान विष्णु) |
| निर्माण वर्ष:- | 1920 – 1925 ईस्वी |
| निर्माणकर्ता:- | सेठ मगनीराम बांगड़ |
पुराना रंगजी मंदिर राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान वैकुंठ वेंकटेश (विष्णु का खड़ा स्वरूप) को समर्पित है। इस मंदिर को इस मंदिर को श्री रामा वैकुण्ठनाथ मंदिर के रूप में भी जाना जाता है।
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सोनीजी की नसियां (Soniji ki Nasiyan)

| मंदिर का नाम:- | सोनीजी की नसियां (Soniji ki Nasiyan) |
| मंदिर का अन्य नाम:- | अजमेर जैन मंदिर (Ajmer Jain Mandir) |
| स्थान:- | पृथ्वीराज मार्ग, अजमेर, राजस्थान |
| समर्पित देवता:- | भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) |
| निर्माण वर्ष:- | 1864-1865 ईस्वी (निर्माण 10 अक्टूबर 1864 को शुरू, 26 मई 1865 को प्रतिमा स्थापित) |
| प्रसिद्ध त्यौहार:- | महावीर जयंती, पर्युषण पर्व |
सोनीजी की नसियां राजस्थान के अजमेर में स्थित एक प्रसिद्ध जैन धार्मिक स्थल है। यह मंदिर प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) को समर्पित है। यह मंदिर जैन धर्म की आस्था और भारतीय वास्तुकला का एक नायाब नमूना है। 1865 में निर्मित यह मंदिर अपनी बाहरी लाल पत्थर की संरचना के कारण ‘लाल मंदिर’ कहलाता है। लेकिन इसकी असली पहचान मंदिर के पीछे स्थित ‘स्वर्ण नगरी’ है, जहाँ लकड़ी और सैकड़ों किलो सोने का उपयोग करके जैन पौराणिक कथाओं और अयोध्या नगरी का सजीव चित्रण किया गया है।
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नारेली जैन मन्दिर (Nareli Jain Temple)

| मंदिर का नाम:- | नारेली जैन मन्दिर अजमेर (Nareli Jain Temple Ajmer) |
| मंदिर का अन्य नाम:- | श्री ज्ञानोदय तीर्थ |
| स्थान:- | नारेली गांव, अजमेर, राजस्थान |
| समर्पित देवता:- | भगवान आदिनाथ |
| निर्माण वर्ष:- | 1994-1995 |
| प्रसिद्ध त्यौहार:- | महावीर जयंती, पर्युषण पर्व |
नारेली जैन मन्दिर राजस्थान के अजमेर जिले के नारेली गांव में स्थित एक प्रसिद्ध जैन धार्मिक स्थल है, जो अजमेर से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर भगवान भगवान आदिनाथ (प्रथम तीर्थंकर, ऋषभदेव) को समर्पित है। इस मंदिर को नारेली जैन तीर्थ या श्री ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है।
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चामुंडा माता मंदिर बोराज (Chamunda Mata Mandir Boraj)

| मंदिर का नाम:- | चामुंडा माता मंदिर बोराज (Chamunda Mata Mandir Boraj) |
| स्थान:- | बोराज गांव, फॉयसागर रोड, अजमेर, राजस्थान (अरावली पहाड़ियों पर, लगभग 1300 फीट ऊंचाई पर) |
| समर्पित देवता:- | माता चामुंडा देवी (चौहान वंश की कुलदेवी) |
| निर्माण वर्ष (अनुमानित):- | लगभग 1100 से अधिक वर्ष पूर्व (9वीं-10वीं शताब्दी ईस्वी के मध्य) |
| निर्माणकर्ता/संरक्षक:- | सम्राट पृथ्वीराज चौहान (तृतीय) और पूर्ववर्ती चौहान शासक |
| प्रसिद्ध त्यौहार:- | चैत्र नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि |
चामुंडा माता मंदिर राजस्थान के अजमेर जिले के बोराज गांव की अरावली पहाड़ियों में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर माता चामुंडा को समर्पित है। माना जाता है की यह मंदिर 11वीं शताब्दी का है, जिसका निर्माण पृथ्वीराज चौहान ने करवाया था। इसे चौहान वंश की कुलदेवी के रूप में जाना जाता है।
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