पाल बालाजी मंदिर, जोधपुर, राजस्थान का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो भगवान हनुमान को समर्पित है। यह मंदिर पाल रोड पर स्थित है और स्थानीय भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। मंदिर की अनूठी वास्तुकला और धार्मिक महत्व इसे जोधपुर की यात्रा का एक आवश्यक हिस्सा बनाते हैं। यहाँ मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से भक्तों की भीड़ उमड़ती है, और मंदिर अपनी मूंछों वाले हनुमान जी की मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है।
पाल बालाजी मंदिर जोधपुर (Pal Balaji Temple Jodhpur)
मंदिर का नाम:- | पाल बालाजी मंदिर (Pal Balaji Temple) |
स्थान:- | पाल रोड, जोधपुर, राजस्थान |
समर्पित देवता:- | भगवान हनुमान जी |
निर्माण वर्ष:- | 1898 ईस्वी |
मुख्य आकर्षण:- | मूंछों वाले हनुमान जी की 4.5 फीट ऊँची दक्षिणमुखी मूर्ति |
प्रसिद्ध त्यौहार:- | हनुमान जयंती, मंगलवार और शनिवार के विशेष पूजन |
पाल बालाजी मंदिर जोधपुर का इतिहास
पाल बालाजी मंदिर, जोधपुर के पाल गाँव से 2 किलोमीटर पहले स्थित है और इसकी स्थापना 1898 में हुई थी। यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है और इसकी सबसे अनूठी विशेषता मूंछों वाले हनुमान जी की 4.5 फीट ऊँची दक्षिणमुखी मूर्ति है, जिसे स्थानीय रूप से “मूंछ वाले बालाजी” के नाम से जाना जाता है।
मंदिर का प्रबंधन पाल बालाजी मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया जाता है, जो पाँच पीढ़ियों से पुजारी परिवार द्वारा संचालित है। यह निरंतरता मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्थानीय मान्यताएँ बताती हैं कि इस मूर्ति में चमत्कारी शक्तियाँ हैं, और यहाँ मन्नत मांगने से भक्तों की समस्याएँ हल होती हैं।
पाल बालाजी मंदिर जोधपुर की वास्तुकला और संरचना
पाल बालाजी मंदिर जोधपुर की संरचना राजस्थानी वास्तुकला की विशेषताओं को दर्शाती है, जिसमें सादगी और भव्यता का संतुलन है। मंदिर का निर्माण मुख्य रूप से लाल बलुआ पत्थर से किया गया है, जो जोधपुर की स्थानीय वास्तुकला की एक प्रमुख विशेषता है। इसके साथ ही, सफेद संगमरमर का उपयोग कुछ हिस्सों में किया गया है, जो मंदिर को एक भव्य और आकर्षक रूप देता है।
मंदिर का गर्भगृह मूंछों वाली हनुमान जी की 4.5 फीट ऊँची दक्षिणमुखी मूर्ति को समर्पित है। यह मूर्ति काले पत्थर से बनी है और सोने-चांदी के आभूषणों से सजी होती है, जो इसे विशेष रूप से आकर्षक बनाती है। मंदिर का प्रवेश द्वार भव्य है, जिसमें लाल बलुआ पत्थर पर जटिल नक्काशी की गई है। मंदिर में एक विशाल सभा मंडप है, जो भक्तों के लिए सामूहिक पूजा, भजन-कीर्तन, और धार्मिक समारोहों के लिए स्थान प्रदान करता है।

मंदिर का खुला प्रांगण भक्तों के लिए एकत्र होने और उत्सव मनाने के लिए उपयुक्त है। यह प्रांगण विशेष रूप से हनुमान जयंती और मंगलवार-शनिवार के विशेष पूजन के दौरान उपयोगी होता है। मंदिर का शिखर पारंपरिक राजस्थानी शैली में है, जिसके शीर्ष पर एक कलश स्थापित है। यह शिखर मंदिर को एक भव्य और आध्यात्मिक रूप प्रदान करता है।
पाल बालाजी मंदिर जोधपुर तक कैसे पहुँचें?
मंदिर का स्थान: पाल बालाजी मंदिर राजस्थान के जोधपुर में पाल रोड पर स्थित है, जो शहर के केंद्र से लगभग 8 किलोमीटर दूर है। और पाल गाँव से 2 किलोमीटर पहले स्थित है।
मंदिर तक पहुंचने के विकल्प इस प्रकार है:
- हवाई मार्ग: जोधपुर हवाई अड्डा (Jodhpur Airport) मंदिर से लगभग 8 से 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हवाई अड्डे से आप टैक्सी, ऑटो-रिक्शा या अन्य स्थानीय परिवहन का उपयोग करके मंदिर तक पहुँच सकते हैं।
- रेल मार्ग: जोधपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन मंदिर से लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर है। रेलवे स्टेशन से मंदिर तक पहुँचने के लिए आप टैक्सी, ऑटो-रिक्शा या अन्य स्थानीय परिवहन का उपयोग करके पहुंच सकते हैं।
- सड़क मार्ग: जोधपुर राजस्थान के अन्य शहरों और पड़ोसी राज्यों से सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप टैक्सी, बस, या अन्य सड़क परिवहन सेवाएँ लेकर जोधपुर पहुँच सकते हैं। जोधपुर पहुँचने के बाद, आप स्थानीय बस, टैक्सी, या ऑटो-रिक्शा से मंदिर तक पहुँच सकते हैं।
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